作词 : Muntasir Billah Mehedi
作曲 : Muntasir Billah Mehedi
तुम्हारी यादों का साया है, दिल में धुंधला सा चेहरा है। रातें लम्बी हैं, मगर नींद कहाँ? तेरे बिना जीना, ये सजा कहाँ? हर ख़्वाब में तू, हर साँस में तू, मगर हाथ आता नहीं। दूरियाँ ये कैसी, बस एक ही दुआ, "फिर मिलेंगे कभी तो..." फिर मिलेंगे... (फिर मिलेंगे...) कब? पता नहीं... (पता नहीं...) तेरी बाहों में, वो लम्हे होंगे, या बस ख़यालों में जी लूँगा मैं? फिर मिलेंगे... तेरे निशाँ पे रुक जाती हैं, मेरी साँसें यहाँ। तू नहीं है मगर, हर चीज़ तेरा इशारा है... मेरे सीने में दर्द सा क्यों है? तेरे जाने के बाद भी तू ही क्यों है? दिल ये कहता है, "वक़्त लगेगा," मगर वक़्त ही तो मारा है... फिर मिलेंगे... (फिर मिलेंगे...) कब? पता नहीं... (पता नहीं...) चाहे जनमों का सफ़र हो जाए, मगर तुझसे वादा है, फिर मिलेंगे...
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LRC歌词版本
作词 : Muntasir Billah Mehedi
作曲 : Muntasir Billah Mehedi
तुम्हारी यादों का साया है, दिल में धुंधला सा चेहरा है। रातें लम्बी हैं, मगर नींद कहाँ? तेरे बिना जीना, ये सजा कहाँ? हर ख़्वाब में तू, हर साँस में तू, मगर हाथ आता नहीं। दूरियाँ ये कैसी, बस एक ही दुआ, "फिर मिलेंगे कभी तो..." फिर मिलेंगे... (फिर मिलेंगे...) कब? पता नहीं... (पता नहीं...) तेरी बाहों में, वो लम्हे होंगे, या बस ख़यालों में जी लूँगा मैं? फिर मिलेंगे... तेरे निशाँ पे रुक जाती हैं, मेरी साँसें यहाँ। तू नहीं है मगर, हर चीज़ तेरा इशारा है... मेरे सीने में दर्द सा क्यों है? तेरे जाने के बाद भी तू ही क्यों है? दिल ये कहता है, "वक़्त लगेगा," मगर वक़्त ही तो मारा है... फिर मिलेंगे... (फिर मिलेंगे...) कब? पता नहीं... (पता नहीं...) चाहे जनमों का सफ़र हो जाए, मगर तुझसे वादा है, फिर मिलेंगे...
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纯歌词版本
作词 : Muntasir Billah Mehedi
作曲 : Muntasir Billah Mehedi
तुम्हारी यादों का साया है, दिल में धुंधला सा चेहरा है। रातें लम्बी हैं, मगर नींद कहाँ? तेरे बिना जीना, ये सजा कहाँ? हर ख़्वाब में तू, हर साँस में तू, मगर हाथ आता नहीं। दूरियाँ ये कैसी, बस एक ही दुआ, "फिर मिलेंगे कभी तो..." फिर मिलेंगे... (फिर मिलेंगे...) कब? पता नहीं... (पता नहीं...) तेरी बाहों में, वो लम्हे होंगे, या बस ख़यालों में जी लूँगा मैं? फिर मिलेंगे... तेरे निशाँ पे रुक जाती हैं, मेरी साँसें यहाँ। तू नहीं है मगर, हर चीज़ तेरा इशारा है... मेरे सीने में दर्द सा क्यों है? तेरे जाने के बाद भी तू ही क्यों है? दिल ये कहता है, "वक़्त लगेगा," मगर वक़्त ही तो मारा है... फिर मिलेंगे... (फिर मिलेंगे...) कब? पता नहीं... (पता नहीं...) चाहे जनमों का सफ़र हो जाए, मगर तुझसे वादा है, फिर मिलेंगे...
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LRC歌词版本
作词 : Muntasir Billah Mehedi
作曲 : Muntasir Billah Mehedi
तुम्हारी यादों का साया है, दिल में धुंधला सा चेहरा है। रातें लम्बी हैं, मगर नींद कहाँ? तेरे बिना जीना, ये सजा कहाँ? हर ख़्वाब में तू, हर साँस में तू, मगर हाथ आता नहीं। दूरियाँ ये कैसी, बस एक ही दुआ, "फिर मिलेंगे कभी तो..." फिर मिलेंगे... (फिर मिलेंगे...) कब? पता नहीं... (पता नहीं...) तेरी बाहों में, वो लम्हे होंगे, या बस ख़यालों में जी लूँगा मैं? फिर मिलेंगे... तेरे निशाँ पे रुक जाती हैं, मेरी साँसें यहाँ। तू नहीं है मगर, हर चीज़ तेरा इशारा है... मेरे सीने में दर्द सा क्यों है? तेरे जाने के बाद भी तू ही क्यों है? दिल ये कहता है, "वक़्त लगेगा," मगर वक़्त ही तो मारा है... फिर मिलेंगे... (फिर मिलेंगे...) कब? पता नहीं... (पता नहीं...) चाहे जनमों का सफ़र हो जाए, मगर तुझसे वादा है, फिर मिलेंगे...